Kisan Tractor Parade: Sanjay Raut spoke on the ruckus in Delhi says what kind of democracy is this was the government waiting for this day – दिल्ली में बवाल पर बोले संजय राउत

Aadmin


केंद्र सरकार के तीनों कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हजारों की संख्या में किसानों ने मंगलवार को 72वें गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली की विभिन्न सीमाओं से ट्रैक्टर परेड निकाली। इस दौरान, कई किसान निर्धारित रूट से अलग हटकर लाल किले की ओर बढ़ गया, जिससे उनके और पुलिस के बीच में जमकर टकराव हुआ। दिल्ली में मचे इस बवाल पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की प्रतिक्रिया आने लगी है। शिवसेना सांसद और प्रवक्ता संजय राउत ने इस घटना के जरिए से केंद्र सरकार को घेरा है। राउत ने पूछा है कि यह किस तरह का लोकतंत्र है और क्या सरकार को इसी दिन का इंतजार था।

राष्ट्रीय राजधानी में उपद्रव के बाद शिवसेना सांसद राउत ने ट्वीट किया, ”अगर सरकार चाहती तो आज की हिंसा रोक सकती थी। दिल्ली में जो चल रहा है, उसका समर्थन कोई नहीं कर सकता है। कोई भी हो लाल किले और तिरंगे का अपमान सहन नहीं करेगा, लेकिन माहौल क्यों बिगड़ गया? सरकार किसान विरोधी कानून रद्द क्यों नहीं कर रही है। क्या कोई अदृश्य ताकत राजनीति कर रही है? जय हिंद।” राउत ने एक अन्य ट्वीट में आगे लिखा कि क्या सरकार इसी दिन का बेसब्री से इंतजार कर रही थी? सरकार ने आखिर तक लाखों किसानों की बात नहीं सुनी। यह किस टाइप का लोकतंत्र हमारे देश में पनप रहा है। यह लोकतंत्र नहीं है भाई। कुछ और ही चल रहा है।”

पवार बोले- किसानों को सरकार ने गंभीरता से नहीं लिया
वहीं, महाराष्ट्र विकास अघाड़ी सरकार में शामिल एनसीपी के अध्यक्ष शरद पवार ने भी कृषि कानूनों और आज की घटना पर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। पवार ने सरकार को घेरते हुए कहा है कि पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों ने अनुशासित तरीके से विरोध किया, लेकिन सरकार ने उन्हें गंभीरता से नहीं लिया। संयम समाप्त होते ही ट्रैक्टर मार्च निकाला गया। केंद्र सरकार की जिम्मेदारी कानून और व्यवस्था को नियंत्रण में रखने की थी, लेकिन वह विफल हो गई। पवार ने आगे कहा कि आज जो कुछ भी हुआ उसका कोई भी समर्थन नहीं करेगा लेकिन इसके पीछे के कारण को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। जो लोग शांति से बैठे हुए थे, वे गुस्से में आ गए। केंद्र ने अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं की। सरकार को परिपक्वता से कार्य करना चाहिए और सही निर्णय लेना चाहिए।

किसान लाल किले पर पहुंचे, पुलिस के साथ हुई झड़प
मालूम हो कि लाठी-डंडे, राष्ट्रीय ध्वज एवं किसान यूनियनों के झंडे लिए हजारों किसान मंगलवार को गणतंत्र दिवस के दिन ट्रैक्टरों पर सवार हो बैरियरों को तोड़ व पुलिस से भिड़ते हुए लालकिले की घेराबंदी के लिए विभिन्न सीमा बिंदुओें से राष्ट्रीय राजधानी में दाखिल हुए। लालकिले में किसान ध्वज-स्तंभ पर भी चढ़ गए। वहीं, कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग को लेकर पिछले दो महीने से राष्ट्रीय राजधानी की सीमा पर विरोध प्रदर्शनों की अगुवाई करने वाले किसान नेताओं ने इन प्रदर्शनकारियों से खुद को अलग कर लिया। एक युवक को लालकिले में ध्वज-स्तंभ पर एक त्रिकोण आकार का पीले रंग का झंडा फहराते देखा गया। इसी पर देश के स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान झंडा फहराया जाता है। हालांकि, बाद में प्रदर्शनकारियों को लाल किले के परिसर से हटा दिया गया। पुलिस ने कुछ जगहों पर अशांत भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। 





Source link

Thanks For your support

Next Post

Farmer Leader Shiv Kumar Kakka Says, We Had Already Said Some Anti Social Elements Can Enter The Tractor Rally | दिल्ली में बवाल: किसान नेता शिवकुमार कक्का बोले

नई दिल्ली: गणतंत्र दिवस के मौके पर आज राजधानी दिल्ली में निकाली गई प्रदर्शनकारी किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान जमकर बवाल हुआ. कई इलाकों में हिंसा हुई और कुछ प्रदर्शनकारी ऐतिहासिक लाल किला परिसर में घुस गए और अपना झंडा फहरा दिया. इस मुद्दे पर एबीपी न्यूज़ से बात […]

Subscribe US Now